मीरा बाई राजस्थान के लोकसंत | Meera Bai Rajasthan ke Loksant

मीरा बाई राजस्थान के लोकसंत

मीरा बाई राजस्थान के लोकसंत | Meera Bai Rajasthan ke Loksant

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 मीराबाई का जीवन परिचय

जन्म स्थान – 1503 ई. (Source NCRT book – Read Here) में ‘कुड़की’ गांव (मेड़ता) में
बचपन का नाम / अन्य नाम / मूलनाम – पेमल
पिता – रतन सिंह
माता – वीर कँवर
पति – भोजराज
मीरा का विवाह1516 ई. में मेवाड़ के महाराणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र भोजराज के साथ हुआ |
गुरु – रैदास / रविदास जी
रैदास जी की छतरी चित्तौड़गढ़ किले के परिसर में मीरा मंदिर के पास बनी हुई है |
निधन / मोक्ष – द्वारिका गुजरात – 1546 ई (Source NCRT book – Read Here) .
उपाधि – संत शिरोमणि , राजस्थान की राधा
सम्प्रदाय – दासी / मीरादासी सम्प्रदाय

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मीराबाई से सम्बंधित अन्य मत्वपूरण तथ्य

  • बचपन दादा दूदा जी के साथ मेड़ता नागौर में बीता था |
  • मीराबाई राजपूत राजकुमारी थीं |
  • मीराबाई भगवान श्री कृष्ण को अपना सर्वोच्च मानकर सगुण रूप से उनकी पूजा करते थे |
  • द्वारिका, गुजरात 1547 ई. में रणछोड़ मंदिर में मीराबाई भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति में विलीन हो गई थी |
  • महात्मा गांधी के अनुसार मीराबाई अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने वाली प्रथम महिला सत्याग्रही थी |
  • रैदास की छतरी चित्तौड़गढ़ दुर्ग में मीरा मंदिर के पास बनी हुई है |
  • मीरा बाई पेनोरमा राव दूदागढ़, मेड़ता, नागौर में स्थित है |
  • इस पेनोरमा में सिलिकाॅन फाइबर से निर्मित मूर्तियां, रिलिफ पेनल, मिनिएचर, शीलालेख आदि के माध्यम से मीरा बाई के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों एवं महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को प्रस्तुत किया गया है।
  • मध्यकालीन भक्ति आंदोलन की आध्यात्मिक प्रेरणा ने जिन कवियों को जन्म दिया उनमें मीराबाई का विशिष्ट स्थान है।
  • Mira Bai Mandir Chittor Location
  • Read about Mira Bai in Egnlish

मीराबाई की पुस्तकें तथा रचनाएं

  1. रुक्मणी मंगल
  2. पदावली
  3. सत्यभाभा जी नू रूसणो
  4. गीत गोविंद / राग गोविन्द
  5. नरसी जी रो मायरो (रतन खाती के सहयोग द्वारा संकलित)
  • मीरा हिंदी और गुजराती दोनों की कवयित्राी मानी जाती हैं।
  • मीरा के पदों की भाषा में राजस्थानी, ब्रज और गुजराती का मिश्रण पाया जाता है। वहीं पंजाबी, खड़ी बोली और पूर्वी वेफ प्रयोग भी मिल जाते है

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 FAQs

दासी सम्प्रदाय किसके द्वारा चलाया गया ?

दासी सम्प्रदाय मीरा बाई द्वारा चलाया गया |

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मीरा बाई के पति का नाम क्या था ?

मीरा बाई के पति का नाम भोजराज था | भोजराज मेवाड़ के महाराणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र और मीरा बाई के पति.

मीरा बाई के गुरु जी कौन थे ?

मीरा बाई के गुरु जी रैदास / रविदास जी थे

भोजराज कौन थे ?

मेवाड़ के महाराणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र और मीरा बाई के पति

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